:
Breaking News

समस्तीपुर सड़क हादसा: एनएच-322 पर ट्रक की टक्कर से पिता-पुत्री की मौत, मां गंभीर

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

समस्तीपुर के एनएच-322 पर तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार परिवार को कुचल दिया। हादसे में पिता और सात वर्षीय बेटी की मौके पर मौत हो गई, जबकि मां गंभीर रूप से घायल है। परिवार बकरीद मनाने ससुराल जा रहा था।

समस्तीपुर/आलम की खबर: समस्तीपुर जिले में बकरीद की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं जब एनएच-322 पर हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में पिता और मासूम बेटी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि मां जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है। गुरुवार की शाम मोरवा प्रखंड के हलई थाना क्षेत्र अंतर्गत चकलालशाही चौक के समीप यह हादसा हुआ, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार परिवार सड़क पर बुरी तरह बिखर गया और देखते ही देखते खुशियों से भरा सफर चीख-पुकार में बदल गया।

मृतकों की पहचान वैशाली जिले के महिसौर थाना क्षेत्र के चांदसराय गांव निवासी मोहम्मद खुर्शीद और उनकी सात वर्षीय पुत्री चांदनी के रूप में की गई है। वहीं हादसे में गंभीर रूप से घायल महिला रवीना खातून का इलाज चल रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार घायल महिला की स्थिति काफी नाजुक बनी हुई है। बताया जा रहा है कि पूरा परिवार बकरीद का त्योहार मनाने के लिए वैशाली से दलसिंहसराय थाना क्षेत्र स्थित बसरिया गांव जा रहा था, जहां उनके रिश्तेदार रहते हैं। परिवार को क्या पता था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित होगा।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बाइक सामान्य रफ्तार से एनएच-322 पर आगे बढ़ रही थी। इसी दौरान पीछे से तेज गति में आ रहे एक भारी ट्रक ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही बाइक असंतुलित होकर सड़क पर गिर गई और तीनों लोग ट्रक के पहियों की चपेट में आ गए। हादसा इतना भयावह था कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोग दौड़कर पहुंचे, लेकिन तब तक पिता और बेटी की सांसें थम चुकी थीं। घायल महिला दर्द से तड़प रही थी, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की।

घटना के बाद ट्रक चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। हादसे की सूचना फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय लोग घटनास्थल पर जमा हो गए। सड़क पर खून और क्षतिग्रस्त बाइक देखकर हर कोई स्तब्ध रह गया। लोगों में हादसे को लेकर इतना गुस्सा था कि उन्होंने मुख्य सड़क को जाम कर दिया। आक्रोशित भीड़ ने समस्तीपुर और हाजीपुर की ओर जाने वाले मार्ग को पूरी तरह बाधित कर दिया, जिससे दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

स्थानीय लोगों का आरोप था कि एनएच-322 पर लगातार तेज रफ्तार भारी वाहनों की आवाजाही होती है, लेकिन प्रशासन द्वारा सुरक्षा को लेकर पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जाते। लोगों ने कहा कि अगर ट्रकों की गति पर नियंत्रण और नियमित निगरानी होती, तो शायद यह दर्दनाक हादसा टल सकता था। कई लोगों ने सड़क पर स्पीड कंट्रोल व्यवस्था, पुलिस गश्त और ट्रैफिक नियमों के सख्ती से पालन की मांग उठाई।

हादसे की जानकारी मिलते ही हलई थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने काफी मशक्कत के बाद लोगों को शांत कराया और जाम हटवाने की प्रक्रिया शुरू की। अधिकारियों ने मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। वहीं दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को जब्त कर लिया गया है। पुलिस ने बताया कि फरार चालक की तलाश की जा रही है और मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

इस घटना के बाद मृतक परिवार में कोहराम मच गया है। जैसे ही हादसे की खबर परिजनों तक पहुंची, घर में चीख-पुकार मच गई। पड़ोसी और रिश्तेदार बड़ी संख्या में मृतक के घर पहुंचने लगे। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। सबसे ज्यादा दर्दनाक दृश्य तब देखने को मिला जब गांव के लोगों को यह पता चला कि सात साल की मासूम बच्ची चांदनी भी इस हादसे में जान गंवा चुकी है। त्योहार से पहले घर में जहां खुशियों का माहौल था, वहां अब मातम पसरा हुआ है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को मुआवजा देने और घायल महिला के बेहतर इलाज की व्यवस्था करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि सड़क हादसों में लगातार बढ़ती मौतें चिंता का विषय बनती जा रही हैं। खासकर त्योहारों के दौरान सड़कों पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार आम लोगों के लिए खतरा बन रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि बिहार के राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर सड़क सुरक्षा को लेकर अभी भी कई स्तरों पर सुधार की आवश्यकता है। ओवरस्पीडिंग, ट्रैफिक नियमों की अनदेखी और भारी वाहनों की लापरवाही अक्सर ऐसे हादसों का कारण बनती है। कई बार बाइक सवारों के लिए अलग सुरक्षा लेन नहीं होने और हाईवे पर अनियंत्रित ट्रैफिक भी दुर्घटनाओं को बढ़ावा देता है।

समस्तीपुर का यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर गया है। एक परिवार जो बकरीद की खुशियां मनाने जा रहा था, कुछ ही सेकंड में बर्बाद हो गया। पिता और बेटी की मौत ने पूरे इलाके को भावुक कर दिया है, जबकि घायल महिला जिंदगी की लड़ाई लड़ रही है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है, लेकिन इस घटना ने यह साफ कर दिया है कि तेज रफ्तार और लापरवाही अब लोगों की जान पर भारी पड़ रही है।

यह भी पढ़ें:

समस्तीपुर में पूर्व सैनिकों के लिए जिला सैनिक कल्याण कार्यालय का उद्घाटन

दरभंगा में गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग पर सियासत तेज

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *